सम्पूर्ण शरीर पर छिड़के जाने वाले पाउडर सर्वाधिक मात्रा में बिकते हैं। छिड़कते समय स्वयं फैलते जाना, पसीने को सोखने की अच्छी क्षमता तथा तीव्र एवं टिकाऊ सुगन्ध इनका
सबसे बड़ा गुण होता है। बच्चों के बदन पर छिड़के जाने वाले बेबी पाउडर का भार में हल्का और कोमल होना सबसे बड़ा गुण माना जाता है और पर्याप्त फैलाव क्षमता भी इनमें होती ही है। इन दोनों के विपरीत चेहरे पर लगाए जाने वाले पाउडरों का सबसे बड़ा गुण उनकी आवरण शक्ति अर्थात त्वचा को ढकने की क्षमता और लम्बे समय तक जमे रहने की शक्ति है । कई शेडों में ये पाउडर तैयार किए जाते हैं और पर्याप्त चमक प्रदान करने की क्षमता भी इनमें होती है। परन्तु सुगन्ध और फैलने की शक्ति का इनमें कोई महत्व नहीं। सूखे फेस पाउडरों के साथ ही इन्हें पतली गोल टिकियाओं के रूप में भी तैयार किया जाता है, और सभी वर्ग की महिलाएँ

इनका खुलकर प्रयोग करती हैं।

प्रमुख रचक एवं उनके गुण (Basis Materials)

टैल्क (Talc) सभी पाउडरों का मुख्य आधार रचक है। टैल्कम पाउडरों में तो सत्तर से अस्सी प्रतिशत के मध्य टैल्क होती ही है, फेस पाउडर में भी कुल भार के एक तिहाई से आधे तक टैल्क मिलाया जाता है। सैलखंड़ी (Soap Stone) को परिष्कृत करके भार में हल्का यह टेल्क तैयार किया जाता है और एकदम फाइन पाउडर के रूप में अत्यन्त सस्ती दर पर उपलब्ध है। बहुत अच्छी फैलाव क्षमता और पसीने को सोखना इसका सबसे बड़ा गुण है। टेल्क के स्थान पर बच्चों के पाउडरों में मक्का, चावल अथवा आलू का स्टार्च मिलाया जाता है। भार में बहुत हल्का, स्पर्श में कोमल, अच्छी फैलाव क्षमता तथा पसीने को सोखने की टैल्क से कई गुना अधिक शक्ति होना स्टार्च के प्रधान गुण हैं, तो काफी महंगा होना सबसे बड़ा दोष। टैल्क और स्टार्च की अपेक्षा प्रेसीपिटेड चॉक, मैग्नेशियम कार्बोनेट, केओलीन और कीसुलघर में पसीना सोखने की शक्ति बहुत अधिक होती है और यही कारण है कि टैल्कम और बेबी पाउडरों में इनका गुणवर्द्धक रचकों के रूप में प्रयोग किया जाता है।
महिलाओं के द्वारा प्रयोग किए जाने वाले फेस पाउडर कई घण्टे तक त्वचा पर भली प्रकार जमे रहे, इस प्रयोजन के लिए मैग्निशियम स्टिरेट अथवा जिंक स्टीरेट मिलाया जाता है। कुल भार का चार प्रतिशत स्तिरेट मिलाना ही प्रयाप्त रहता है। त्वचा के वास्तविक रंग को ढकने के लिए सबसे अच्छा जिंक ऑक्साइड का प्रयोग रहता है। टाइटेनियम आक्साइड, मैग्नीशियम ऑक्साइड, मैग्नीशिम कार्बोनेट और विस्मिथ सब कार्बोनेट में भी अच्छी आवरण शक्ति है,परन्तु इनका स्थायित्व कुछ कम होता है। यही नहीं, प्रेसिपेटेड चाक, केओलीन और स्टार्च में भी यह गुण होता है।
 फेस पाउडरों में भी रंग मिलाए जाते हैं और वे भी बहुत कम मात्रा में। किसुलघर, सीयाना, बनर्ट अम्बर जैसी कुछ मिट्टियाँ भी रंगीन होती हैं और पाउडरों में इनका खुलकर प्रयोग होता है। विशिष्ट रंगों के रूप में पानी में न घुलने वाले धात्विक लवणों से बने कास्मेटिक रंगों का प्रयोग किया जाता , जिन्हें  लेक कल अथवा टोनर्स कहा जाता है। सभी रंगों को प्रायः रंग के भार से दस गुने टैल्क में अच्छी तरह से मिलाकर अलग-अलग रख लिया जाता है और फिर आवश्यकतानुसार उन्हें प्रयोग करते रहते हैं। इससे आगे पाउडर में इन्हें मिलाते समय सन्तुलित करने में आसानी रहती है। इनमें प्रायः ही किसी एक फूल की अथवा फूलों की मिलीजुली रसायनों से निर्मित सुगन्ध का प्रयोग किया जाता है। फूलों से निर्मित असली इत्र तो बहुत अधिक महगे हैं, अत: मृदुल रसायनों से निर्मित वे सुगन्धे प्रयोग की जाती हैं जो पर्यात तीक्ष्ण, लंबे समय तक बनी रहने वाली और अधिक महंगी न हों। परन्तु रंग और सुगंध का चयन करते समय सबसे बड़ा ध्यान इस बात का रखना चाहिए कि वह स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव डालने वाली न हो और सौन्दर्य प्रसाधनों में प्रयोग करने के लिए सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो।


गंध हटाना अर्थात प्रीफिक्सिग (Pre -Fixing)

टेल्क में विशेष रूप से और अन्य सभी आधार रचकों में भी उनकी विशिष्ट गन्धे होती हैं। टेल्क में जो मिट्टी जैसी तीव्र गन्ध होती है उसे हटाना तो अनिवार्य है ही, यदि स्टार्च के अतिरिक्त सभी रचको की गन्ध हटा ली जाए तो अति उत्तम है। इस कार्य के लिए सिन्थेटिक
अंबरग्रीस (Synthetic Ambergris) का प्रयोग होता है और प्रति किलोग्राम टैल्क एक ग्राम यह रसायन पर्याप्त रहता है। एक सौ ग्राम सिन्थेटिक अम्बरग्रीस को तीन सौ ग्राम डाई इथाइल थैलेट अथवा बेन्जियल बेन्जोनेट (D.E.O. or BenzyI Benzonate) में घोल कर एक शीशी में भरकर रख देते हैं। आठ-दस दिन इसे रखा रहने देते हैं और शीशो को प्रतिदिन तीन-चार बार हिलाते भी रहते हैं। तीन- चार किलोग्राम टेल्क में इस चार सौ ग्राम सुगन्ध मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर संपूर्ण टेल्क में मिला दिया जाता है। इस एक क्विंटल टेल्क को ड्रम में भरकर उसका ढक्कन एयरटाइट बंद करके कम से कम आठ दिन रखा रहने देते हैं। इससे टेल्क की मिट्टी की गंध समाप्त हो जाती है।
पाउडरों के निर्माण में इस प्रीफिक्स्ड टेल्क का ही प्रयोग किया जाता है।

पाउडर तैयार करना (Final Processing)

पाउडर में मिलाए जाने वाले सभी रचक मैदा से भी बारीक पिसे हुए आते हैं और सूखे रूप में ही इन्हें मिलाया जाता है। छोटे स्तर पर न तो थोड़े से टेल्क में सुगन्ध को अच्छी तरह से मिलाने के बाद उसे सम्पूर्ण टेल्क में मिलाकर और उस पर अन्य सभी रचक डालकर फावड़े या पालटे से भी मिलाया जा सकता है। मिलाने के बाद मैदा छानने की छलनी में इसे छानने पर रंग सुगंध और सभी रचक परस्पर बहुत अच्छी तरह मिल जाते हैं। एकाध क्विंटल पाउडर्स प्रतिदिन तैयार करते समय भी मात्र एक बाल मिल और एक हाथ से चलाए जाने वाला ग्राइण्डर ही चाहिए। चालीस लीटर क्षमता का विद्युत संचालित बालमिल दस-बारह हजार रुपए के बीच आ आता है, जबकि छह पहलू की मिक्सिंग मशीन अथवा पाउडर मिक्सिग ड्रम तो चार-पांच हजार रुपए में ही तैयार हो जाते हैं।

पांच लीटर से सौ लीटर तक क्षमता का एक बालमिल लेकर सभी प्रकार के पाउडरों, टूथ पाउडरों तथा दन्त मंजनों आदि का निर्माण आसानी से किया जा सकता है। बालमिल नामक
के अपने आधार पर गोलाई में घुमने वाले ड्रम में पर्याप्त मात्रा में स्टील की गोलियां भरी रहती हैं। ये गोलियाँ ड्रम में भरे पदाथों के मिश्रण को कूटने, पीसने और मिलाने का काम बहुत ही अच्छी तरह और अत्यन्त तीव्र गति से करती हैं। कारण यह है कि जब ड्रम घूमता है तब उसमें भरे हुए पदाथों के साथ-साथ ये गोलियाँ भी अनियन्त्रित रूप में घूमती रहती हैं और इनके घर्षण और दबाव से वस्तुएँ पिसती, घुटती और मिलती रहती हैं। छोटे माप का हाथ से घुमाए जाने वाला बाल मिल तो दो हजार रुपए के लगभग ही आ जाता है, जबकि विविध माप और क्षमताओं के विद्युत संचालित बाल मिल भी हर स्थान पर सहज उपलब्ध हैं । कोई भी पाउडर तैयार करते समय पहले इसमें कुल भार का दस-पन्द्रह प्रतिशत टेल्क, रंग और सुगंध डालकर पन्द्रह-बीस मिनट चलाते हैं। इसके बाद सम्पूर्ण टैल्क और अन्य सभी रचक डालकर लगभग इतनी ही देर और चलाया जाता है। इस तैयार पाउडर को छानना भी नहीं पड़ता, तत्काल ही पैक किया जा सकता है।

अच्छा टैल्कम पाउडर (Talcum Powder)

यह अच्छे टेलकम पाउडर का आधारभूत फार्मूला है। इसमें स्टार्च और जिंक ऑक्साइड के स्थान पर भी टेल्क का प्रयोग करने पर सस्ता और घटिया पाउडर बन जाएगा । इसके विपरीत जैसे-जैसे आप स्टार्च की मात्रा बढ़ाते जाएँगे यह भार में हल्का होता जाएगा।
       प्रीफिक्स्ड टैल्क (Talc)                65%
      चावल का स्टार्च (Rice Starch)      15%
      मैग्नेशियम कार्बोनेट (Magnasium Carbonate)                                                            10%
      जिंक आक्साइड (Zincoxide)        5%
      कैलशियम कार्बोनेट (Calcium Carbonate)                                                                   5%
      बोरिक एसिड (Boric Acid)        इच्छानुसार
     सुगंध  मिश्रण (Perfume)            इच्छानुसार

एपल ब्लोसम टैल्कम पाउडर (Apple Blossom Talcum)

घमौरी नाशक यह पाउडर पर्याप्त मात्रा में बोरिक एसिड मिलाकर हल्के गुलाबी या नारंगी रंग में तैयार किया जाता है। सुगंध मिश्रण सहित इस प्रीकली हीट पाउडर का एक सन्तुलित फार्मूला यह भी है-
     प्रीफिक्स्ड टेक (Prefixed Talc)      8 kg
     मैगनेशियम कार्बोनेट (Magnesium Carbonate)                                                              1 kg
     बोरिक एसिड (Boric Acid)            400 ml
     अल्कोहल( Alcohol)                       700 ml
      कर्नेशन पिंक ब्लोसम (Carnation Pink                             Blossom)                           450 से 500 ग्राम
       निरोली ऑयल (Niroli Oil)         30 मिली
       वेनिलीन (Vanillin)                     15 ग्राम

अल्कोहल में कारनेशन पिंक ब्लोसम, निरोली ऑयल और वेनीलिन घोलकर एक शीशी में रख दीजिए। इसे हफ्ते दस-दिन रखा रहने दें बस दिन में दो-तीन बार हिला दिया करें।
पाउडर तैयार करते समय बोरिक एसिड, टेल्क, मैग्नेशियम कार्बोनेट तथा बोतल में भरा हुआ रंग और सुगंध का मिश्रण भी अच्छी तरह मिला दीजिए और दस-पन्द्रह दिन एअर टाइट ड्रम में रखने के पश्चात छानकर पैक कर दीजिए। पैक करने के पूर्व इस पाउडर में स्थित अल्कोहल को उड़ा देना भी आवश्यक है, वैसे पाउडर छानते समय अल्कोहल स्वयं ही उड़ जाता है।

हर्बली बेबी पाउडर (Baby Powder)

उपरोक्त दोनों फार्मूलों में टेल्क के स्थान पर मक्का अथवा चावल के स्टार्च का प्रयोग करके इन्हें बहुत ही अच्छे बेबी पाउडरों का रूप दे सकते हैं। इस पाउडर में केवड़े के पौधों की जड़ों के सूखे चूर्ण का प्रयोग हुआ है, जो भार में हल्की, मन्द और स्थायी सुगन्ध से परिपूर्ण तथा मक्खी मच्छरों को भगाने की क्षमता से युक्त होती है। केवड़े की जड़ों के चूर्ण (Orris Root Powder) का प्रयोग आप टैल्कम पाउडर के पहले फार्मूले के साथ करके उसे भी हर्बल टेलकम पाउडर का रूप दे सकते हैं। औरिस रूट हर्बल बेबी पाउडर का सूत्र इस प्रकार है-
     मक्का या चावल का स्टार्च (Starch)     पाँच किलोग्राम
     प्रीफिक्स टैल्क (Talc)                        दो किलोग्राम
     औरिस रूट पाउडर (Oris Root Powder)                                                                          एक किलो ग्राम
     केओलिन (Kaolin)                           250 ग्राम
     प्रेसिपिटेड चॉक Precipited Chalk)    400 ग्राम
     बोरिक एसिड (Boric Acid)                  600 ग्राम
     बर्गामोट ऑयल या अन्य सुगन्ध                इच्छानुसार

अच्छा फेस पाउडर (Face Powder)

चेहरे पर लगाए जाने वाले ये पाउडर टिन या प्लास्टिक के बड़े मुंह वाले डिब्बों में पैक किए जाते हैं और पाउडर लगाने के लिए पफ का प्रयोग किया जाता है। दीर्ष स्थायी और अच्छी चमक वाले फेस पाउडर का बेसिक फार्मूला इस प्रकार से है-
    प्रीफिक्स किया टैल्क (Pre & fixed Talc).    35%
    केओलीन (Kaolin)                                   20%
    चावल का स्टार्च (Rice Starch)                  10%
    कैल्शियम कार्बोनेट (Calcium Carbonate Light)                                                                     10%
    जिंक ऑक्साइड (Zinc oxide).                  15%
     जिंक स्टीरेट (Zinc stearate) .                 5%
     मैग्नेशियम कार्बोनेट (Magnasium Carbonate)
                                                                   5%
     रंग एवं सुगन्ध (Perfume & Colour)                                                                            आवश्यकतानुसार


कॉम्पैक्ट पाउडर (Compact Powder)

पतली गोलाकार चकत्तियों (Cakes) के रूप में जमे ये पाउडर कपड़े के पतले पफ से चेहरे पर लगाए जाते हैं और प्रायः ही ढक्कन में आइना लगी डिब्बियों में पैक किए जाते हैं। इनकार निर्माण दो चरणों में में पूर्ण होता है। पहले सूखा पाउडर और बाइण्डर अलग-अलग तैयार करते हैं और फिर बाइण्डर में पाउडर को मिलाकर उसे टिकियाओं का रूप दिया जाता है।  उपरोक्त फेस पाउडर के फार्मूले में जिंक स्टियरेट की मात्रा तीन से पाँच गुना तक बढ़ाकर इस प्रयोजन के लिए बहुत ही अच्छा पाउडर तैयार कर सकते हैं-
     ग्लिसरीन मोनो  स्टियरिट (G.M.S.)           150 ग्राम
      सर्बीताल (Serbitoll)                           125 ग्राम 
      गम ट्रेगाकंथ (Gum Tragacanth)        50 ग्राम
      मिनरल ऑयल Minera Oil)                 100 मिली        प्रीजर्वेटिव के रंग( Preservative & Dye) 
                                                       आवश्यकतानुसार 
      ताजा पानी (Frash Water) .                900 मिली
गम ट्रेगाकंथ अर्थात अरब से आने वाले गोंद को पीसकर पानी में घोलकर रख देते हैं। दूसरे दिन इस मिश्रण में सर्बिटल घोल कर 85 अंश सेंटीग्रेट तापमान तक गर्म करें। इसके साथ ही वाटर-वाथ पर अथवा दूसरे बर्तन में मन्द आग पर ग्लिसरीन मोनो स्टियरिक को पिघलाएं और पिघलने पर उसमें मिनरल ऑयल मिला दीजिए। इस मिश्रण को भी 85 अंश सेंटीग्रेट तापमान तक गर्म करने के बाद दोनों मिश्रण मिला दीजिए। दोनों मिश्रणों का तापमान समान होना तो आवश्यक है ही, पानी को धार बांधकर डालना और निरन्तर चलाते रहना भी आवश्यक है। जब  मिश्रण मिलकर एक जान हो जाय तब उसे आग से उतार लीजिए और ठण्डा होने दीजिए। इस समय भी इसे निरंतर चलाते रहना आवश्यक है। ठण्डा हो जाने पर यह मिश्रण शहद की तरह गाढ़ा हो जाता है, और प्राय: ही इकट्टा बनाकर रख लिया जाता है। एक किलोग्राम सूखे पाउडर के साथ पचास-पचपन मिली लीटर यह बाइंडर पर्याप्त रहता है। ढाई-तीन सौ ग्राम पाउडर में यह बाण्डर डालकर आटे की तरह गूंधते रहते हैं और थोड़ा-थोड़ा करके संपूर्ण पाउडर खपा देते हैं। अच्छी तरह से गूंथकर कुछ घण्टे रखा रहने देते हैं और फिर वांछित भार की गोलियां बनाकर प्रत्येक गोली को डाई की सहायता से वांछित आकार दिया जाता है। गोलियों के केेक बनाने के लिए कपड़े धोने के साबुन पर नाम छापने वाली सोप स्टेम्पिंग मशीन तथा गन मेटल की बनी डाई का प्रयोग किया जाता है। इन्हें पैक करने की डिबियाएँ और पफ बाजार में बने बनाए मिल जाते हैं। अपनी ढाई देकर किसी भी साधारण प्लास्टिक की वस्तुएं बनाने वाले यूनिट में भी आप डिबियां तैयार करवा सकते हैं। जहां तक टैल्कम, फेस तथा बेबी पाउडरों का प्रश्न है बड़े निर्माता तो टिन के छपे हुए डिब्बों में इन्हें पैक करते हैं और छोटे निर्माता प्लास्टिक के डिब्बों में।



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