घर पर कैसे शुरू करें आयुर्वेदिक मंजन बनाने का बिजनेस? how to make tooth powder at home and grow rich?


परंपरागत आयुर्वेदिक दंत मंजन काले अथवा लाल रंग के, नमक और मसालों के स्वाद से युक्त तथा बहुत कम झाग बनाने वाले होते हैं। इसके विपरीत यूरोपियन फार्मूला से निर्मित टूथ पाउडर दूधिया सफेद, फाइन पाउडर के रूप में, स्वाद में मीठे और अधिक झाग वाले होते हैं। इनके रंग रूप और स्वाद के समान ही इनके आधार रचक और गुणवर्धक रसायन भी पूर्णतया अलग-अलग हैं। परंतु जहां तक निर्माण विधि पैकिंग और बिक्री व्यवस्था का प्रश्न है, पूरी तरह समान है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि छोटे स्तर पर इनके निर्माण के लिए कोई मशीन तो क्या विशिष्ट जुगाड़ तक नहीं चाहिए। मात्र हजार दो हजार के कुल पूंजी से पार्ट टाइम व्यवसाय के रूप में इनका निर्माण और पास की दुकानों पर बिक्री आसानी से की जा सकती है। एक बाल मिल और एक ग्राइंडर लेकर लाख रुपए की कार्यकारी पूंजी से इनका निर्माण पर्याप्त बड़े स्तर पर किया जा सकता है,तो करोड़ों रुपए तक का प्रतिवर्ष उत्पादन करने वाले संस्थान में भी 4 -5 लाख रूपए से अधिक की मशीनें नहीं होती। यह एक ऐसा उद्योग है जिसमे मशीनें सुविधा तो प्रदान करती हैं परंतु उद्योग की अनिवार्य आवश्यकता नहीं।

सफेद टूथ पाउडरों के रचक raw materials


सभी प्रकार के मंजनो में प्रयोग की जाने वाली वस्तुओं को मुख्य रूप से दो वर्गों में विभाजित किया जा सकता है -  पालीशिंग एजेंट्स तथा गुण वर्धक रसायन अर्थात बिल्डर्स पालीशिंग एजेंट्स की एक मात्र उपयोगिता मंजन की मात्रा बढ़ाना और दातों पर रगड़ उत्पन्न करना है। जबकि स्वाद से लेकर सफाई तक का संपूर्ण कार्य अल्प मात्रा में मिलाए गए गुणवर्धक रचक और रसायन करते हैं। सफेद मंजनो और सभी टूथपेस्ट में आधार रचक अथवा पालीशिंग एजेंट के रूप में कैल्शियम कार्बोनेट, मैग्नीशियम कार्बोनेट, सामान्य चाक पाउडर, परिष्कृत सॉप स्टोन तथा प्रेसिपिटेटेड चाक जैसे रासायनिक विधियों से जलाकर परिष्कृत किए गए खनिजों और मुलायम पत्थरों का प्रयोग किया जाता है। कुछ मंजनों में अल्प मात्रा में एकदम बारीक पाउडर के रूप में पीसा हुआ संगमरमर अथवा हड्डी का पाउडर भी मिलाया जाता है। कुल भार का 5% इनमें से कोई भी एक मिलाने पर मंजन की सफाई क्षमता में यथेष्ट वृद्धि हो जाती है। वैसे इनमें से कोई भी रचक स्वयं दांतो को साफ करके चमका नहीं पाता। अतः टूथ पाउडरों में झाग बनाने का गुण पैदा करने और उसकी सफाई क्षमता बढ़ाने के लिए उसमें एकदम सूखे हुए साबुन का चूरा भी अत्यधिक कम मात्रा में मिलाया जाता है। इनके स्वाद को मीठा बनाने के लिए सेक्रिन और इन्हें कृत्रिम रूप से सुगंधित बनाने के लिए कोई ना कोई सुगंध अथवा कई सुगंधो को मिलाकर तैयार किया गया सुगंध मिश्रण भी इनमें डाला जाता है।
इन अनिवार्य रचकों के साथ ही एकाध विशेष गुण उत्पन्न करने वाला रसायन भी लगभग प्रत्येक अच्छे टूथ पाउडर और टूथपेस्ट में मिलाया जाता है। दांतों का पीलापन दूर करने के लिए कुछ टूथ पाउडरों और अधिकांश टूथ पेस्ट में प्राय: हाइड्रोजन पराक्साइड मिलाया जाता है। इसी प्रकार दांतो पर जमा हुआ मैल उतारने के लिए सोडियम बेंजोएट जैसे रसायन मिलाए जाते हैं। टूथ पेस्ट तथा टूथ पाउडर में कीटाणु रोधी अर्थात एंटीसेप्टिक क्षमता उत्पन्न करने के लिए अत्यंत अल्प मात्रा में कार्बोलिक एसिड की मिलावट की जाती है। सामान्य खाने का सोडा मिला देने से भी मंजन की मैल काटने की क्षमता और दातों को साफ करने की शक्ति में पर्याप्त वृद्धि हो जाती हैं। ठंडक प्रदायक गुण उत्पन्न करने के लिए अधिकांश लाल, काले और सफेद मंजनों में पुदीना के सत्व अर्थात मेंथोल, अजवाइन के सत्व अर्थात थाइमोल तथा पिपरमेंट को समान मात्रा में मिला कर अथवा किसी एक या दो का प्रयोग किया जाता है।
मेंथोल,थाईमॉल तथा पिपरमेंट ताजगी और ठंडक प्रदायक होने के साथ ही तीक्ष्ण सुगंध से परिपूर्ण और शक्तिशाली जीवाणु नाशक भी हैं। कपूर भी तीक्ष्ण जीवाणु नाशक और सुगंध प्रदायक है। टूथ पेस्ट तथा टूथ पाउडर निर्माण के अंतिम चरण में ही इन्हें मिलाया जाता है। जहां तक व्यवहारिकता का प्रश्न है सफेद टूथ पाउडर और टूथ  पेस्ट के तो कुछ ही फार्मूलों में इन्हें अल्प मात्रा में मिलाया जाता है। परंतु माउथ वास का तो यह मुख्य घटक है।

निर्माण प्रक्रिया एवं मशीनें plant and process


टूथ पाउडर को तैयार करने की संपूर्ण प्रक्रिया टेलकम और बेबी पाउडर को तैयार करने के समान ही है। तथा विभिन्न स्तरों पर उसी प्रकार की मशीनों का प्रयोग किया जाता है।  चाक आदि सभी मिट्टियों का गंध दूर करना अर्थात  प्रीफिक्सिंग इनके निर्माण का प्रथम चरण है। इन सभी जानकारियों के लिए आप कृपया मेरा आने वाला अगला पोस्ट फेस टेलकम तथा बेबी पाउडर अवश्य देखें। क्योंकि ना केवल मशीनें और निर्माण प्रक्रिया बल्कि दोनों के मुख्य आधार रचक भी समान ही हैं। जहां तक पर्याप्त बड़े स्तर पर पाउडरों, दंत मंजनो, पीसे मसालों आदि के व्यवसाय का प्रश्न है, सबसे अच्छा रहता है पलवीलाइजर का प्रयोग। यह पलवीलाइजर मुख्य रूप से दो किस्मों के होते हैं-की सामान्य पलवीलाइजर और माइक्रोपलवीलाइजर। यह विभिन्न मापों, क्षमताओं और मूल्य श्रृंखलाओं में उपलब्ध है, जिनकी कीमत 10000 से लेकर लाखों रुपए तक होती है।
ग्राइंडर और चक्की के विपरीत पलवीलाइजर रचको को पीस्ता नहीं, बल्कि तीव्र गति से भीषण चोटें मारकर तोड़ता और कूटता है। पलवीलाइजर के मध्यवर्ती भाग में अपने आधार पर निरंतर घूमने वाले बड़े राड में स्टील की काफी मोटी परंतु आकार में काफी छोटी सैकड़ों पत्तियां लगी होती हैं। जब पलवीलाइजर चलाया जाता है तब यह मध्य का रॉड   अत्यंत तीव्र गति से घूमता है, और उसमें लगी पत्तियां इसके अंदर पड़े माल पर भीषण चोटें मारती हैं । फल स्वरुप वह वस्तु बारीक पाउडर के रूप में टूटने लगती है। निरंतर घूम रहे रॉड के कारण पलविलाइजर के अंदर वायु का एक चक्र एयर सर्कल बन जाता है। फल स्वरुप बारीक पाउडर के रूप में पीस चुका माल उड़ कर एक स्थान पर एकत्र होता रहता है। इसके पीसे जाने वाले माल भरने के पात्र में माल भर देने पर थोड़ा-थोड़ा मांल स्वयं मशीन के अंदर जाता रहता है, और पीसकर दूसरे द्वार से बाहर निकलता रहता है। इस प्रकार मंजन अथवा किसी भी पाउडर में मिलाए जाने वाले सभी रचक एकदम बारीक पीस तो जाते ही हैं, वे परस्पर बहुत अच्छी तरह मिल भी जाते हैं।

टूथ पाउडर का बेसिक फार्मूला

सामान्य गुणवत्ता युक्त यह मंजन काफी सस्ता तो पड़ता ही है। दांतो को अच्छी तरह से साफ भी कर देता है और पर्याप्त झाग भी बनाता है। इस फार्मूले का प्रयोग करते समय साबुन और सुगंध की मात्रा में आप परिवर्तन कर इसे कई रूप दे सकते हैं।
           कैलशियम कार्बोनेट           1 किलोग्राम
          मैग्नीशियम कार्बोनेट           750 ग्राम
          न्यूट्रल साबुन का चूरा          100 ग्राम
          सोडियम बाइकार्बोनेट          40 ग्राम
          सैक्रिन                              5 ग्राम
          दालचीनी का तेल               4 मिली
          विंटर ग्रीन आयल                3 मिली


अधिक झाग बनाने वाला टूथ पाउडर

मीठे और नमकीन मिश्रित स्वाद और अधिक झाग बनाने वाले इस टूथ पाउडर को मीठा बनाते समय नमक नहीं डालते और दोगुनी सेक्रीन का प्रयोग करते हैं। अधिक मात्रा में साबुन के साथ खाने वाला सोडा भी मिला होने के कारण यह दातों को भली प्रकार चमका देता है। पिपरमेंट आयल और थाइम आयल इसे ठंडक प्रदायक गुण प्रदान करते हैं और नगमेट आयल मसूड़ों में रक्त संचार को तीव्र करता है।
              कैल्शियम कार्बोनेट            3 किलोग्राम
              कीसुलघर                        250 ग्राम
              साबुन का चूरा                  600 ग्राम
              सोडा ऐश                        125 ग्राम
              नमक                              50 ग्राम
              सैक्रीन                             7 ग्राम
              पिपरमेंट आयल                50 ग्राम
              नटमेट आयल                  10 मिली
              अजवाइन का तेल             8 मिली
              यूजीनाल                         8 मिली

दांतों पर जमा मैल उतारने वाला पाउडर


          मैग्नीशियम कार्बोनेट              1 किलोग्राम
          कीसलीघर पिसी हुई               1 किलोग्राम
          सोडियम बेंजोएट                   50 ग्राम
          सफेद फिटकरी                      50 ग्राम
          सेक्रीन                                  2 ग्राम
          पिपरमेंट                               10 ग्राम
          लोंग का तेल                          15 मिली
          केसिया आयल                        8 मिली 

मैल उतारने वाला सस्ता पाउडर

ऊपर वाले फार्मूले में दांतो पर जमा मैल उतारने के कार्य सोडियम बेंजोएट नामक रसायन कर रहा है। परंतु इस फार्मूले में यह कार्य खाने वाला सामान्य सोडा और यूरिया नामक रासायनिक खाद कर रहे हैं। यूरिया अच्छा डिटर्जेंट होने के साथ ही कीटनाशक भी है। परंतु स्वास्थ्य के लिए हानिप्रद और जहरीला तो है ही,मुंह को अधिक ताजगी भी नहीं प्रदान कर पाता यह सस्ता टूथ पाउडर।
         प्रेसिपिटेटेड चाक           1 किलोग्राम
         यूरिया                          500 ग्राम
        डाई अमोनियम हाइड्रोजन फास्फेट     100 ग्राम
        सोडा क्लोराइड               200 ग्राम
       सोडा बाई कार्ब               300 ग्राम
      पिपरमेंट आयल               2 मिली
       विंटर ग्रीन आयल             4 मिली

आयुर्वेदिक दंत मंजन traditional tooth powder


बादाम के छिलकों को जलाकर उनके कोयलों का प्रयोग मंजनों के निर्माण में हमारे देश में प्राचीन काल से होता चला आ रहा है। आजकल सभी कॉले दंत मंजनो में सामान्य लकड़ी के कोयले को बारीक पीसकर प्रयोग किया जाता है। हल्के भाा के कोयलों का प्रयोग ईस कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ रहता है। लाल रंग के दंत मंजन में आधार रचक के रूप में बारिक पीसे हुए गेरू का प्रयोग किया जाता है। कोयले के काले और गेरू की लाल रंग को हल्का करने के लिए इनके साथ पर्याप्त मात्रा में चाक पाउडर अथवा सफेद मंजनों का कोई एक या अधिक पॉलिशींग एजेंट भी मिलाया जाता है। कोयले और गेरू के पाउडर की भी गंध दबाई जाती है, परंतु इन्हें प्रीफिक्स करने के लिए प्राय: ही बनीला की कृत्रिम सूगंध अथवा इसके आधार रचक बैनीलोन का प्रयोग किया जाता है।
कोयले में दांत साफ करने की अच्छी क्षमता है। यही कारण है कि इसमें सफाई के लिए साबुन का प्रयोग नहीं किया जाता, और यह झाग भी नहीं बनाते। तंबाकू के जले हुए पत्तों और नमक का प्रयोग प्राय: सभी मंजनों में होता है, जो जीवाणु नाशक का कार्य करते हैं। सबसे बड़ा अंतर तो यह है कि इन मंजनों में गुण वर्धक रचकों के रूप में रसायनों का नहीं बल्कि परंपरागत जड़ी-बूटियों, घरों में प्रयोग किए जाने वाले अनेक मसालों, कुछ वृक्षों के छाल और सूखी पत्तियों आदि का प्रयोग होता है। इस प्रकार की सभी वनस्पतियों को फाइन पाउडर के रूप में पीसने के बाद पालीशींग एजेंट के मिश्रण में मिलाकर यह दंत मंजन तैयार किए जाते हैं। किसी भी जड़ी बूटी या मसाले को चक्की अथवा ग्राइंडर में पीसने पर उसके गुण बड़ी सीमा तक नष्ट हो जाते हैं। यही कारण है कि इन्हें पीसने के लिए इस मशीनी खरल का प्रयोग सर्वश्रेष्ठ रहता है। इसका रचक भरे जाने वाला पात्र अपने आधार पर घूमता रहता है और मूसली उसे कूटती रहती है, अतः यदि सभी गुण वर्धक रचकों को मिलाकर इस में पीसा जाए तो वे परस्पर ना केवल अच्छी तरह मिल जाते हैं, बल्कि उनके सत्व तक संपूर्ण मिश्रण में समाहित हो जाते हैं।

जड़ी बूटियों पर आधारित आयुर्वेदिक मंजन

आधार रचक अथवा पालिशिंग एजेंट के रूप में कोयले का प्रयोग करने पर गहरा काला और गेरू का प्रयोग करने पर कालिमा युक्त लाल दंत मंजन तैयार होता है। इनके साथ 20 से 50% तक कैल्शियम कार्बोनेट अथवा मैग्नीशियम कार्बोनेट मिला लेने पर रंग हल्का हो जाता है। दांत चमकाने, उन्हें मजबूत बनाने और मुख की दुर्गंध दूर करने वाले सर्वश्रेष्ठ मंजन का सूत्र इस प्रकार है-


        पालिशिंग एजेंट या आधार रचक      20 किलोग्राम
       मौलश्री के वृक्ष की छाल              दो - ढाई किलोग्राम
       रूमी मस्तगी                             500 ग्राम
      भुनी हुई फिटकरी                        500ग्राम
       भुनी हुई सुपारी                         500 ग्राम
       कत्था                                     500 ग्राम
      भुना हुआ सुहागा                       400 ग्राम
      अकरकरा                                 300 ग्राम
       काली मिर्च                              250ग्राम
       दाल चीनी                               100 ग्राम
       काला नमक                            100 ग्राम
      लोंग                                         25 ग्राम
      माजूफल                                   25 ग्राम
      सामान्य नमक या सेंधा नमक        स्वादानुसार
     कपूर अथवा नीम की सूखी पत्तियां    रुचि अनुसार
     गरम मसाले की कृत्रिम सुगंध            इच्छा अनुसार

हर्बल जीवाणु नाशक मंजन

सफेद दंत मंजनों में तो जीवाणुओं के नाश के लिए कार्बोलिक एसिड अथवा बेंजोइक एसिड मिलाया जाता है। परंतु आयुर्वेद में इस कार्य के लिए तंबाकू की पत्तियों, फिटकरी, कपूर, नीम की पत्तियों और बीजों तथा नमक के प्रयोग का विधान है। इस प्रकार का एक पूर्ण संतुलित फार्मूला इस प्रकार से है -

      कोयले अथवा गैरों का पाउडर         2 किलोग्राम
      चाक अथवा सोप स्टोन पाउडर        1  किलोग्राम
      नीम की सूखी पत्तियां                     300 ग्राम
      तंबाकू के सूखे पत्ते                         100 ग्राम
      अकरकरा                                     100 ग्राम
       सफेद फिटकरी                              40 ग्राम
       कपूर                                            40 ग्राम
      मेंथॉल                                           10 ग्राम
     थाइम आयल                                    10 ग्राम
      पिपरमेंट                                         10 ग्राम
प्रत्येक मंजन के डिब्बे पर पूरा फार्मूला अनिवार्य रूप से छपा होता है। अतः आप इस प्रकार के दर्जनों फार्मूले आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। वैसे भी इसकी कोई अकाट्य फ़ार्मूले नहीं। जड़ी बूटियों पर आधारित आयुर्वेदिक दंत मंजन के फार्मूले के कुछ रचक आप छोड़ भी सकते हैं। अथवा किसी भी दो तीन फार्मूलों को मिलाकर अपने लिए आसानी से फार्मूला तैयार कर सकते हैं। किसी भी प्रकार का दंतमंजन अथवा टूथ पाउडर तैयार करते समय पहले सभी गुण वर्धक रचकों और रसायनों को थोड़े से पॉलिशिग एजेंट के साथ अच्छी तरह मिलाने और पीसने के बाद संपूर्ण आधार रचक में मिलाते हैं। इसी प्रकार सुगंध और उड़ने वाले रसायन तैयार मंजन में सबसे अंत में मिलाए जाएंगे। यह सिद्धांत से अधिक व्यवहारिकता की बात है। इन्हें प्राय: ही प्लास्टिक की शीशियों में पैक किया जाता है। अत: पैकिंग के लिए मशीनों का प्रयोग भी अनिवार्य नहीं। प्लास्टिक की ये शीशियां स्क्रीन प्रिंटिंग प्रोसेस से छापी जाती हैं। आत: एक बार में 500 जैसी कम मात्रा में भी सफलता पूर्वक बनवाए जा सकते हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मात्र कुछ लाख रूपए के निवेश से ही दंतमंजनो और टूथ पाउडर के साथ ही आप टूथपेस्ट और माउथवॉश भी सफलतापूर्वक तैयार कर सकते हैं।

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