फलों और फूलों का एसेंस बनाने की विधि

         


खाद्य और पेय पदार्थों में तीक्ष्ण रसायनों से निर्मित कृत्रिम सुगंध मीश्रणो के प्रयोग की तो कल्पना भी नहीं की जा सकती । क्योंकि इनमें से अधिकांश स्वास्थ्य के प्रति हानिप्रद ही नहीं जहरीले तक होते हैं। परंतु सामान्य कन्फेक्शनरी आइटम्स, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक में ही नहीं फलों के जूस और स्क्वैशो, जेम जेलीयों और अधिकांश रेडीमेड खाद्य पदार्थों में किसी फल या फूल की अथवा उनकी मिश्रित सुगंध का प्रयोग होता है। फल की सुगंध के साथ ही उसके स्वाद से भरपूर असली एसेंस तो उस फल को कुछ अन्य रक्षकों के साथ अल्कोहल में रखकर तैयार किए जाते हैं। परंतु हाई क्लास उत्पादों में ही उनका प्रयोग हो aता है। सामान्य उत्पादों के लिए विभिन्न सुगंध प्रदायक द्रव्यों को मिलाकर फलों और फूलों की सुगंध तैयार की जाती हैं। लगभग सभी फलों का स्वाद खट्टा मीठा होता है। अतः इस प्रकार के स्वाद के लिए चीनी के साथ - साथ सीमित मात्रा में साइट्रिक एसिड का प्रयोग भी इन उत्पादों में किया जाता है। परंतु यह चीनी, साइट्रिक एसिड अथवा अन्य कोई भी स्वास्थ्यवर्धक रचक इन एसेंसो में नहीं मिलाया जाता। यह स्वास्थ्यवर्धक रचक तो फार्मूले का एक भाग होते हैं जबकि सभी कृत्रिम सुगंध मिश्रण प्रायः अंतिम चरण में अथवा उत्पाद के तैयार हो जाने के बाद मिलाए जाते हैं।

संतरे और नींबू के एसेंस orange and lemon essence

स्वाद और सुगंध से भरपूर यह दोनों एसेंस इन के छिलकों से तैयार किए जाते हैं। संतरे के ताजे छिलकों के अंदर की ओर की सफेद परत उतार कर अलग करने के बाद उन्हें छोटा छोटा काट लेते हैं। हरे और दागी छिलकों को हटा देते हैं। इन्हें छीलते और काटते समय रबड़ के पतले सर्जिकल दस्ताने भी पहन लेते हैं जिससे पसीना इन में न लग सके। एक किलोग्राम यह कटे हुए छिलके जार में डालकर 2 लीटर निरगंध अल्कोहल डाल दिया जाता है। 8 दिन बाद इसे छानकर अच्छी तरह निचोड़ने के बाद छिलके फेंक देते हैं। ढाई तीन सौ ग्राम छिलके इन छने हुए अल्कोहल में डालकर 3 दिन बाद छान लेते हैं। तीन-चार बार ऐसा करने पर यह अल्कोहल संतरे के असली रस से भी 15 से 20 गुना सुगंधित और पर्याप्त खटास युक्त हो जाता है।
नींबू का एसेंस तैयार करने के लिए प्रति लीटर निरगंध अल्कोहल 400 ग्राम और दूसरी बार 200 ग्राम उपरोक्त विधि से तैयार किए गए छिलके डाले जाते हैं ,और दो बार में ही यह एसेंस तैयार हो जाता है। यदि प्रथम बार डाले गए छिलकों को ही 6 - 7 सप्ताह अल्कोहल में रखने के बाद छाना जाए ,तब सुगंध तो एक बार में ही प्राप्त हो जाती है ।परंतु इसका स्वाद रुचीकर नहीं रहता। आप कोई भी एसेंस तैयार करे हाथों का पसीना तो लगने ही ना दे। प्रतिदिन मिश्रण को कांच की छड़ से तीन चार बार चला भी दिया करें। सदैव कांच के रंगहीन  जार का प्रयोग करें। दिन में प्रतिदिन जार को धूप में तो रखें ही रात में भी अधिक ठंडे स्थान में न रखें। शायद यह कहने की आवश्यकता ही नहीं है कि जार का ढक्कन आप सदैव बंद रखेंगे और छानते समय छिलकों को अच्छी तरह निचोड़ने के बाद ही आप फेकेंगे।

गुलाब के फूलों का एसेंस Rose essence

                     
   
इसी विधि से अन्य कई फलों और अधिकांश फूलों के शुद्ध एसेंस तैयार किए जा सकते हैं। गुलाब के लाल देसी फूलों का एसेंस ही प्राय: तैयार किया जाता है ,क्योंकि उनमें अधिक सुगंध होती है। एक ही नस्ल के ताजा फूल लेकर उनकी डांडिया और हरे कवर जैसे भाग निकाल दिए जाते हैं और केवल पंखुड़ियों तथा उनके मद्ध्य स्थित रेशे जैसे भागों का प्रयोग किया जाता है । एक किलोग्राम गुलाब की पंखुड़ियां सवा लीटर अल्कोहल में डालकर रख दी जाती है और 2 से 3 हफ्ते बाद इसे छाना जाता है, क्योंकि फूलों का अपना कोई विशिष्ट स्वाद नहीं होता अतः फूलों के इस प्रकार के एसेंसों के स्थान पर प्रायः कृत्रिम एसेंस का प्रयोग ही अधिक किया जाता है।

अनानास का एसेंस pineapple essence

            अनानास के टुकड़े        1 किलोग्राम
            अनानास का रस          600 ग्राम
            केवड़े की जड़।            50 ग्राम
           गंध रहित अल्कोहल      1 लीटर
केवड़े की जड़ में होने वाली गांठ को सुखा ही कूट पीसकर चूर्ण बना लीजिए। दो ढाई किलोग्राम अच्छी तरह पके हुए अन्नानास लेकर छीलने के पश्चात आधे फलों का जूस निकाल लीजिए और आधे फलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिए। एक जार में चारो रचक डालकर चम्मच से अच्छी तरह चला दीजिए और ढक्कन बंद कर इसे 3 सप्ताह तक रखा रहने दीजिए।  बीस बाईस दिन बाद इसे छान लिया जाता है।

रसभरी और स्ट्रॉबेरी एसेंस Raspberry Essence

रसभरी, स्ट्रॉबेरी, जामुन, अंगूर और केले आदि का एसेंस इसी विधि से तैयार किया जाता है। जामुन में गुठली और केले में छिलके होने के कारण यह फल लगभग दुगनी मात्रा में लेने होंगे, क्योंकि केवल उनके गुदे का ही प्रयोग किया जाता है।
      पके हुए ताजे फल          एक किलोग्राम
      गंध हीन अल्कोहल        400 मिलीग्राम
      डिस्टिल्ड वाटर।             300 मिलीग्राम
      शक्कर या चीनी             125 ग्राम
फलों को चीनी मिट्टी या कांच के एक बड़े प्याले में डालकर स्टील की चमक से अच्छी तरह मसलिए, और मसलते समय ही इनमें चीनी भी मिला दीजिए। मसले हुए फलों को एक जार में डालने के पश्चात उसमें अल्कोहल तथा पानी भी डाल देते हैं। और 3 दिन बाद छान लिया जाता है।

केसर का असली एसेंस saffron essence

40 ग्राम शुद्ध केसर को वैद्य वाले खरल में थोड़े अल्कोहल के साथ रगड़ कर शीशी में भरकर 1 लीटर अल्कोहल डाल देते हैं। दो-तीन हफ्ते में यह केसर मिश्रित अल्कोहल इतना शक्तिशाली बन जाता है। जिसमें कम से कम 500 ग्राम शुद्ध केसर जितना स्वाद और सुगंध होती है। नाम मात्र की शुद्ध कस्तूरी अथवा 200 मिलीलीटर मस्क जाइलोल मिलाने पर यह केसर कस्तूरी की मिश्रित सुगंध बन जाती है। जो हाई क्लास जरदों और कीमती शरबतों की जान है।

कृत्रिम एसेंस अर्थात सुगंध मिश्रण flavours

निरगंध अल्कोहल अथवा गंध और रंगहीन स्प्रिट में कुछ रसायन और फलों के असली तेल या एसेंस मिलाकर यह तीक्ष्ण सुगंध प्रदायक एसेंस तैयार किए जाते हैं। बहुत तेज सुगंध होने के बावजूद इन में उस फल का स्वाद नहीं होता।

नींबू का कृत्रिम सुगंध lemon essence

    सित्राल अर्थात नींबू का तेल         15 मिलीग्राम
     रेडीनाल                                 10 बूंद
    गिलसरीन                               500 ग्राम
    निरगंध अल्कोहल ।                  3 लीटर

रसभरी फ्लेवर raspberry flavour

     साइक्लोहेक्सानियाल वैलिरिनेट अलबेली         60 मिली
     एमाइल एसिटेट                                          30 मिली
     एथाइल सेलिसीलेट                                    20 मिली
     एथाइल बेंजोएट                                      20मिली
     एमाइल ब्यूटीरेट।                                   20 मिली
     वैनिलिन                                              2 ग्राम
      इथाइल ब्यूटीरेट ।                                 20मिली

संतरे का एसेंस Orange essence

         संतरे का असली एसेंस         600 मिली
         ट्राई - एसिटोन                     250 मिली
        मेंडारिन आयल                     1 मिली
         निरगंध्र अल्कोहल ।              1 लीटर

             पार्ट 2 यहां पढ़ें


Share To:

Bajrangilal

Post A Comment:

0 comments so far,add yours